— उस; — ऐश्वर्य-स्वरूप (का); — पशु-भाव (बद्ध दशा) में; — प्रकाशिका — प्रकट करने वाली; — विद्या-शक्ति (है); — तिरोधान (आच्छादन) करने वाली; — 'माया' नाम वाली; — दूसरी ओर, फिर
पशु-भाव (बद्ध दशा) में उस ऐश्वर्य-स्वरूप को प्रकाशित करने वाली विद्या-शक्ति है; और जो (उसका) तिरोधान (आच्छादन) करती है, वह दूसरी ओर 'माया' नाम वाली है।