Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)· 8.16 / 28

Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)8.16

8.16
आब्रह्म भुवनाल्लोकाः पुनरावर्तिनोऽर्जुन । मामुपेत्य तु कौन्तेय पुनर्जन्म न विद्यते ॥ ८-१६ ॥
ābrahma bhuvanāllokāḥ punarāvartino'rjuna | māmupetya tu kaunteya punarjanma na vidyate || 8-16 ||
— ब्रह्मलोक तक के समस्त लोक ; — पुनरावृत्ति वाले, हे अर्जुन ; — किन्तु मुझे प्राप्त करके, हे कुन्तीपुत्र ; — पुनर्जन्म नहीं होता

हे अर्जुन, ब्रह्मलोक तक के समस्त लोक पुनरावृत्ति वाले हैं; किन्तु हे कुन्तीपुत्र, मुझे प्राप्त करके फिर जन्म नहीं होता।