अव्यक्तं व्यक्तिमापन्नं मन्यन्ते मामबुद्धयः ।
परं भावमजानन्तो ममाव्ययमनुत्तमम् ॥
७-२४ ॥
avyaktaṃ vyaktimāpannaṃ manyante māmabuddhayaḥ |
paraṃ bhāvamajānanto mamāvyayamanuttamam ||
7-24 ||
बुद्धिहीन लोग मुझ अव्यक्त को व्यक्ति को प्राप्त हुआ मानते हैं, मेरे परम भाव को न जानते हुए, जो अव्यय और अनुत्तम है।