Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)· 5.16 / 29

Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)5.16

5.16
ज्ञानेन तु तदज्ञानं येषां नाशितमात्मनः । तेषामादित्यवज्ज्ञानं प्रकाशयति तत्परम् ॥ ५-१६ ॥
jñānena tu tadajñānaṃ yeṣāṃ nāśitamātmanaḥ | teṣāmādityavajjñānaṃ prakāśayati tatparam || 5-16 ||
— किन्तु ज्ञान से वह अज्ञान ; — जिनका आत्मा का नष्ट हो गया ; — उनका सूर्य के समान ज्ञान ; — उस परम तत्त्व को प्रकाशित करता है

किन्तु जिनका आत्मा का वह अज्ञान ज्ञान से नष्ट हो गया है, उनका ज्ञान सूर्य के समान उस परम तत्त्व को प्रकाशित कर देता है।