अत्यद्भुतं कर्म न दुष्करं ते कर्मोपमानं नहि विद्यते ते ।
नते गुणानां परिमाणमस्ति न तेजसो नापि बलस्य नर्द्धेः ॥
११-४९ ॥
atyadbhutaṃ karma na duṣkaraṃ te karmopamānaṃ nahi vidyate te |
nate guṇānāṃ parimāṇamasti na tejaso nāpi balasya narddheḥ ||
11-49 ||
आपका अत्यन्त अद्भुत कर्म आपके लिए दुष्कर नहीं; आपके कर्म की कोई उपमा नहीं; आपके गुणों का कोई परिमाण नहीं, न तेज का, न बल का, न समृद्धि का।