Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)· 11.49 / 60

Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)11.49

11.49
अत्यद्भुतं कर्म न दुष्करं ते कर्मोपमानं नहि विद्यते ते । नते गुणानां परिमाणमस्ति न तेजसो नापि बलस्य नर्द्धेः ॥ ११-४९ ॥
atyadbhutaṃ karma na duṣkaraṃ te karmopamānaṃ nahi vidyate te | nate guṇānāṃ parimāṇamasti na tejaso nāpi balasya narddheḥ || 11-49 ||
— आपका अत्यन्त अद्भुत कर्म आपके लिए दुष्कर नहीं ; — आपके कर्म की कोई उपमा नहीं ; — आपके गुणों का कोई परिमाण नहीं ; — न तेज का, न बल का, न समृद्धि का

आपका अत्यन्त अद्भुत कर्म आपके लिए दुष्कर नहीं; आपके कर्म की कोई उपमा नहीं; आपके गुणों का कोई परिमाण नहीं, न तेज का, न बल का, न समृद्धि का।