The Essence of the Tantra· 22.34 / 53

The Essence of the Tantra22.34

22.34

कोणत्रयान्तराश्रितनित्योदितमङ्गलच्छदे कमले । नित्यावियुतं नालं षोडशदलकमलसन्मूलम्

Transliteration (IAST)

koṇatrayāntarāśritanityoditamaṅgalacchade kamale | nityāviyutaṃ nālaṃ ṣoḍaśadalakamalasanmūlam

— तीन कोणों के भीतर आश्रित ; — नित्योदित मङ्गल रूप पत्रों वाले कमल में ; — नित्या (देवी) से अवियुक्त (अपृथक्) नाल ; — जिसका सत्-मूल षोडश-दल-कमल है

तीन कोणों के भीतर आश्रित, नित्योदित मङ्गल रूप पत्रों वाले कमल में, नित्या (देवी) से अवियुक्त (अपृथक्) नाल (है), जिसका सत्-मूल षोडश-दल-कमल है।