एवम् आनन्दसन्दोहिततच्चेष्टोच्छलत्स्थितिः । अनुचक्रगणश् चक्रतादात्म्याद् अभिलीयते
Transliteration (IAST)
evam ānandasandohitatacceṣṭocchalatsthitiḥ | anucakragaṇaś cakratādātmyād abhilīyate
इस प्रकार आनन्द में सन्दोहित (एकत्रित) उस (आनन्दमय) चेष्टा से उच्छलित स्थिति वाला अनुचक्र-गण (केन्द्रीय) चक्र के साथ तादात्म्य से (उसमें) विलीन हो जाता है।