The Vision of Śiva· 7.63 / 122

The Vision of Śiva7.63

7.63
तनुस्वरूपनिर्माणापरिमाणभवोदयः । शिवतत्त्वे त्रिधाभूते स्वच्छाकालकलाकले ॥६३॥
tanusvarūpanirmāṇāparimāṇabhavodayaḥ | śivatattve tridhābhūte svacchākālakalākale
— शरीरों तथा रूपों का निर्माण करने वाली अपरिमित भव का उदय ; — शिवतत्त्व में ; — त्रिधाभूत (तीन रूप वाले) ; — स्वच्छ (शिव), काल-कला, तथा कला-युक्त

शरीरों तथा रूपों का निर्माण करने वाली अपरिमित (असीम) भव (अस्तित्व) का उदय (होता है) — स्वच्छ (शिव), काल-कला, तथा कला-युक्त (इन) तीन रूपों में हुए शिवतत्त्व में।