The Vision of Śiva· 7.121 / 122

The Vision of Śiva7.121

7.121
करोमि स्म प्रकरणं शिवदृष्ट्यभिधानकम् । एवमेषां त्र्यम्बकाख्या तेरम्बा देशभाषया ॥१२१॥
karomi sma prakaraṇaṃ śivadṛṣṭyabhidhānakam | evameṣāṃ tryambakākhyā terambā deśabhāṣayā
— मैंने रचना की ; — प्रकरण (ग्रन्थ) की ; — शिवदृष्टि नामक ; — इस प्रकार ; — इन (परम्परा-धारकों) की ; — 'त्र्यम्बक' संज्ञा ; — 'तेरम्ब' ; — देश-भाषा (स्थानीय बोली) में

मैंने शिवदृष्टि नामक (इस) प्रकरण (ग्रन्थ) की रचना की। इस प्रकार इन (परम्परा-धारकों) की 'त्र्यम्बक' संज्ञा देश-भाषा (स्थानीय बोली) में 'तेरम्ब' (कहलाती है) —