आनन्दसंज्ञकस्तस्मादुद्बभूव तथाविधः ।
तस्मादस्मि समुद्भूतः सोमानन्दाख्य ईदृशः ॥१२०॥
ānandasaṃjñakastasmādudbabhūva tathāvidhaḥ |
tasmādasmi samudbhūtaḥ somānandākhya īdṛśaḥ
उससे वैसे ही (सिद्ध) प्रकार का आनन्द नामक (पुत्र) उद्भूत (उत्पन्न) हुआ; और उससे मैं — सोमानन्द नामक, ऐसा (जैसा हूँ) — समुद्भूत (उत्पन्न) हुआ हूँ।