The Vision of Śiva· 7.120 / 122

The Vision of Śiva7.120

7.120
आनन्दसंज्ञकस्तस्मादुद्बभूव तथाविधः । तस्मादस्मि समुद्भूतः सोमानन्दाख्य ईदृशः ॥१२०॥
ānandasaṃjñakastasmādudbabhūva tathāvidhaḥ | tasmādasmi samudbhūtaḥ somānandākhya īdṛśaḥ
— आनन्द नामक ; — उससे ; — उत्पन्न हुआ ; — वैसे ही (सिद्ध) प्रकार का ; — उससे ; — मैं उत्पन्न हुआ हूँ ; — सोमानन्द नामक ; — ऐसा (जैसा हूँ)

उससे वैसे ही (सिद्ध) प्रकार का आनन्द नामक (पुत्र) उद्भूत (उत्पन्न) हुआ; और उससे मैं — सोमानन्द नामक, ऐसा (जैसा हूँ) — समुद्भूत (उत्पन्न) हुआ हूँ।