न च वास्त्यन्तरालेऽत्र सा दशा याहि केवला ॥८८॥
na ca vāstyantarāle'tra sā daśā yāhi kevalā
(उत्तर:) किन्तु यहाँ अन्तराल में वैसी कोई दशा नहीं — जो (शक्तियों से) केवल (पृथक्, निष्क्रिय) हो।
(उत्तर:) किन्तु यहाँ अन्तराल में वैसी कोई दशा नहीं — जो (शक्तियों से) केवल (पृथक्, निष्क्रिय) हो।