The Vision of Śiva· 3.88 / 99

The Vision of Śiva3.88

3.88
न च वास्त्यन्तरालेऽत्र सा दशा याहि केवला ॥८८॥
na ca vāstyantarāle'tra sā daśā yāhi kevalā
— किन्तु नहीं ; — निश्चय ही ; — है ; — अन्तराल में ; — यहाँ ; — वह दशा ; — जो ; — निश्चय ही ; — केवल (पृथक्, निष्क्रिय)

(उत्तर:) किन्तु यहाँ अन्तराल में वैसी कोई दशा नहीं — जो (शक्तियों से) केवल (पृथक्, निष्क्रिय) हो।