The Vision of Śiva· 3.55 / 99

The Vision of Śiva3.55

3.55
पुरा शान्तस्वरूपत्वं पश्चात्तादृगवस्थितिः । शान्ते शिवत्वं स्थूलेऽपि शिवत्वं यत्र वर्णितम् ॥५५॥
purā śāntasvarūpatvaṃ paścāttādṛgavasthitiḥ | śānte śivatvaṃ sthūle'pi śivatvaṃ yatra varṇitam
— पहले ; — शान्त-स्वरूपत्व ; — बाद में ; — वैसी (सक्रिय) ; — अवस्था ; — शान्त में ; — शिवत्व ; — स्थूल में भी ; — शिवत्व ; — जहाँ ; — कहा गया

(आक्षेप:) पहले शान्त-स्वरूपत्व, बाद में वैसी (सक्रिय) अवस्था; (किन्तु) जहाँ शान्त में शिवत्व कहा गया है, वहाँ स्थूल में भी शिवत्व (कहा गया है)।