The Vision of Śiva· 3.10 / 99

The Vision of Śiva3.10

3.10
शैवे वाच इन्द्रियत्वमथ नादादिनोदिता । तदभ्यासे फलावाप्तिः सूक्ष्ममन्त्रस्वरूपता ॥१०॥
śaive vāca indriyatvamatha nādādinoditā | tadabhyāse phalāvāptiḥ sūkṣmamantrasvarūpatā
— शैव (शास्त्र) में ; — वाक् का ; — इन्द्रियत्व ; — फिर ; — नाद आदि से ; — उदित ; — उसके अभ्यास में ; — फल की प्राप्ति ; — सूक्ष्म मन्त्र-स्वरूपता

शैव (शास्त्र) में वाक् का इन्द्रियत्व (कहा गया है); फिर नाद आदि से उदित होकर, उसके अभ्यास में फल की प्राप्ति (होती है, और उसकी) सूक्ष्म मन्त्र-स्वरूपता (है)।