नचानुमानमिष्टं तेऽप्यवस्थेत्यादिदूषणात् ॥३३॥
nacānumānamiṣṭaṃ te'pyavasthetyādidūṣaṇāt
और न ही (इसमें) अनुमान तुम्हें अभीष्ट है — क्योंकि तुमने स्वयं 'यह तो (केवल) अवस्था है' इत्यादि दूषण दिए हैं।
और न ही (इसमें) अनुमान तुम्हें अभीष्ट है — क्योंकि तुमने स्वयं 'यह तो (केवल) अवस्था है' इत्यादि दूषण दिए हैं।