The Vision of Śiva· 1.6 / 49

The Vision of Śiva1.6

1.6
एवं न जातुचित्तस्य वियोगस्त्रितयात्मना ॥६॥
evaṃ na jātucittasya viyogastritayātmanā
— इस प्रकार ; — नहीं ; — कभी, किसी काल में ; — उसका ; — वियोग ; — शक्ति-त्रय-स्वरूप से

इस प्रकार उसका शक्ति-त्रय-स्वरूप से कभी भी, किसी काल में, वियोग नहीं होता।