— तीन ताल — तीन बार ताली (ताल-त्रय); — पहले, प्रथमतः; — देकर, बजाकर; — सशब्द — ध्वनि के साथ, ऊँचे स्वर में; — विघ्नों की शान्ति के लिए; — शिखा की संख्या जितनी बार अभिमन्त्रित; — जल से प्रोक्षण (छिड़काव) करना चाहिए (तोय + अभ्युक्षयेत्); — तब, तत्पश्चात्
पहले विघ्नों की शान्ति के लिए सशब्द तीन ताल देकर, तत्पश्चात् शिखा की संख्या जितनी बार अभिमन्त्रित जल से प्रोक्षण (छिड़काव) करना चाहिए।