— चित्-तत्त्व (को); — माया के द्वारा; — त्यागकर (पूर्वकालिक क्रिया, √हा); — केवल भिन्न रूप में; — प्रतिभासित होता है (√भा+अव); — जो (सीमित प्रमाता); — शरीर में; — बुद्धि में; — अथवा; — प्राण में; — (आत्मा रूप में) कल्पित; — अथवा मानो आकाश (शून्य) में; — अथवा
जो माया के द्वारा चित्-तत्त्व का त्याग करके केवल भिन्न रूप में प्रतिभासित होता है — शरीर, बुद्धि, अथवा (आत्मा रूप में) कल्पित प्राण में, या मानो आकाश (शून्य) में (अपने को मानता हुआ) —