The Great Liberation Tantra· 3.37 / 153

The Great Liberation Tantra3.37

3.37
वाङ्मायाकमलाद्येन तारहीनेन पार्वति । दीयते विविधा विद्या माया श्रीः सर्वतोमुखी ॥३७॥
vāṅmāyākamalādyena tārahīnena pārvati | dīyate vividhā vidyā māyā śrīḥ sarvatomukhī ||37||
— वाक्, माया और कमला (बीजों) से युक्त ; — प्रणव से रहित ; — हे पार्वति ; — दिया जाता है ; — नाना प्रकार की ; — विद्या ; — माया ; — श्री ; — सर्वतोमुखी

हे पार्वति, वाक्, माया और कमला (के बीजों) से युक्त — किन्तु प्रणव से रहित — यह (मन्त्र) नाना प्रकार की विद्या, माया और सर्वतोमुखी श्री प्रदान करता है।