The Great Liberation Tantra· 1.36 / 72

The Great Liberation Tantra1.36

1.36
आयाते पापिनि कलौ सर्वधर्मविलोपिनि । दुराचारे दुष्प्रपञ्चे दुष्टकर्मप्रवर्तके ॥३६॥
āyāte pāpini kalau sarvadharmavilopini | durācāre duṣprapañce duṣṭakarmapravartake ||36||
— आने पर ; — पापी ; — कलियुग के ; — समस्त धर्मों का लोप करने वाले ; — दुराचारी ; — दुष्ट प्रपंच वाले ; — दुष्ट कर्मों के प्रवर्तक

अब समस्त धर्मों का लोप करने वाले, दुराचारी, दुष्ट प्रपंच वाले, दुष्ट कर्मों के प्रवर्तक — इस पापी कलियुग के आ जाने पर,