The Essence of the Tantra· 8.40 / 93

The Essence of the Tantra8.40

8.40

प्रकृतिपुरुषविवेको वा येन प्रधानाधो न संसरेत्

Transliteration (IAST)

prakṛtipuruṣaviveko vā yena pradhānādho na saṃsaret

— प्रकृति-पुरुष का विवेक ; — प्रधान (प्रकृति) के नीचे ; — संसरण न करे

अथवा प्रकृति-पुरुष का विवेक (होता है), जिससे वह प्रधान (प्रकृति) के नीचे संसरण न करे।