जीवतो ऽपि परोक्षस्य उत्पन्ने शक्तिपाते ऽयम् एव क्रमः दार्भाकृतिकल्पनजीवाकृष्टिवर्जम्
Transliteration (IAST)
jīvato 'pi parokṣasya utpanne śaktipāte 'yam eva kramaḥ dārbhākṛtikalpanajīvākṛṣṭivarjam
जीवित किन्तु परोक्ष (अनुपस्थित) के विषय में भी, शक्तिपात उत्पन्न होने पर, यही क्रम (है) — दार्भ-आकृति की कल्पना तथा जीव-आकृष्टि को छोड़कर।