उत्तमोत्तमादिज्ञानभेदापेक्षया तेषु वर्तेत सम्पूर्णज्ञानगुरुत्यागे तु प्रायश्चित्तम् एव
Transliteration (IAST)
uttamottamādijñānabhedāpekṣayā teṣu varteta sampūrṇajñānagurutyāge tu prāyaścittam eva
उत्तम-उत्तम आदि ज्ञान-भेद की अपेक्षा से उनमें (गुरुओं में) वर्तना (व्यवहार करना) चाहिए। किन्तु सम्पूर्ण-ज्ञान गुरु के त्याग में तो प्रायश्चित्त ही (होता है)।