The Vision of Śiva· 7.98 / 122

The Vision of Śiva7.98

7.98
स मया क्रियते यागः शिवत्वाद्याग उत्तमः । शिवं यामि शिवो यामि शिवेन शिवसाधनः ॥९८॥
sa mayā kriyate yāgaḥ śivatvādyāga uttamaḥ | śivaṃ yāmi śivo yāmi śivena śivasādhanaḥ
— वह याग मेरे द्वारा किया जाता है ; — शिवरूप होने के कारण ; — उत्तम याग ; — 'मैं शिव को जाता हूँ' ; — 'शिव (रूप) में जाता हूँ' ; — शिव के द्वारा ; — शिव को साधनरूप बनाकर

वह याग मेरे द्वारा किया जाता है, (और) शिवरूप होने के कारण (वह) उत्तम याग है। 'मैं शिव को जाता हूँ, शिव (के रूप में) जाता हूँ, शिव के द्वारा (तथा) शिव को साधनरूप बनाकर (जाता हूँ)।'