स मया क्रियते यागः शिवत्वाद्याग उत्तमः ।
शिवं यामि शिवो यामि शिवेन शिवसाधनः ॥९८॥
sa mayā kriyate yāgaḥ śivatvādyāga uttamaḥ |
śivaṃ yāmi śivo yāmi śivena śivasādhanaḥ
वह याग मेरे द्वारा किया जाता है, (और) शिवरूप होने के कारण (वह) उत्तम याग है। 'मैं शिव को जाता हूँ, शिव (के रूप में) जाता हूँ, शिव के द्वारा (तथा) शिव को साधनरूप बनाकर (जाता हूँ)।'