घटात्मककटात्मादेः पदार्थपदयोगतः ।
अभावस्य कपालादिरूपत्वाद्वस्तुता स्थिता ॥९०॥
ghaṭātmakakaṭātmādeḥ padārthapadayogataḥ |
abhāvasya kapālādirūpatvādvastutā sthitā
घटात्मक, कटात्मक आदि (अभावों) का — 'पदार्थ' शब्द के योग से, तथा अभाव के कपाल (ठीकरे) आदि रूप होने के कारण (अर्थात् भावात्मक अवशेष होने से) — वस्तुता (पदार्थत्व) सिद्ध होती है।