The Vision of Śiva· 6.3 / 126

The Vision of Śiva6.3

6.3
यथा प्रकल्पिता चित्रा चित्रब्रह्मादिवादिता । नानात्मवादितां यावत्तत्सर्वं प्रविचार्यताम् ॥३॥
yathā prakalpitā citrā citrabrahmādivāditā | nānātmavāditāṃ yāvattatsarvaṃ pravicāryatām
— जैसे ; — प्रकल्पित ; — विचित्र (विविध) ; — 'चित्र-ब्रह्म' आदि का वाद ; — नाना-आत्म-वाद तक ; — वह सब ; — विचारणीय

जैसे विचित्र (विविध) 'चित्र-ब्रह्म' आदि का वाद प्रकल्पित किया गया है — नाना-आत्म-वाद तक — वह सब अब विचारणीय है।