अथ चेद्देशबाधो वा तद्देशे रजतं नहि ॥२१॥
atha ceddeśabādho vā taddeśe rajataṃ nahi
अब यदि देश की बाधा (कहो) — (कि) 'उस देश में रजत (चाँदी) नहीं (जो भ्रम से दीखी)' —
अब यदि देश की बाधा (कहो) — (कि) 'उस देश में रजत (चाँदी) नहीं (जो भ्रम से दीखी)' —