The Vision of Śiva· 3.26 / 99

The Vision of Śiva3.26

3.26
नानावादैः स्वसिद्धान्तैः साकमत्र विरोधिता । सर्वभावशिवत्वेन नास्तिता बन्धमोक्षयोः ॥२६॥
nānāvādaiḥ svasiddhāntaiḥ sākamatra virodhitā | sarvabhāvaśivatvena nāstitā bandhamokṣayoḥ
— नाना वादों के साथ ; — अपने सिद्धान्तों के साथ ; — साथ ; — यहाँ ; — विरोधिता ; — समस्त भावों के शिवत्व से ; — नास्तिता ; — बन्ध और मोक्ष की

(आक्षेप:) यहाँ (तुम्हारा मत) नाना वादों तथा अपने ही सिद्धान्तों के साथ विरोधी है; और समस्त भावों के शिवत्व से बन्ध और मोक्ष की नास्तिता (हो जाती है)।