Parātrīśikā1.15
त्रयेण मातरः सर्वा योगेस्वर्यो महाबलाः ।
वीरा वीरेस्वराः सिद्धा बलवान् शाकिनीगणः ॥१५॥
trayeṇa mātaraḥ sarvā yogesvaryo mahābalāḥ |
vīrā vīresvarāḥ siddhā balavān śākinīgaṇaḥ
— त्रय (तीन) के द्वारा — तीन बीज/त्रिदेवी ; — मातृकाएँ — मातृ-शक्तियाँ ; — समस्त ; — योगेश्वरियाँ — योग की स्वामिनियाँ (यथा-प्रसारित) ; — महाबली — अति शक्तिशाली ; — वीर — शूर साधक ; — वीरेश्वर — वीरों के ईश (यथा-प्रसारित) ; — सिद्ध — सिद्धि-प्राप्त जन ; — बलवान् — शक्तिशाली ; — शाकिनी-समूह — शाकिनियों का गण इस त्रय के द्वारा समस्त मातृकाएँ, महाबली योगेश्वरियाँ, वीर, वीरेश्वर, सिद्ध, तथा बलवान् शाकिनी-समूह (वशीभूत हो जाते हैं)।