— बाध्य-बाधक-भाव — खण्डनीय और खण्डक का सम्बन्ध; — भी; — अपने में निष्ठ होने से (अन्यथा) परस्पर अविरोधी (ज्ञानों) का; — ज्ञानों का; — उत्पन्न हो (विधि, √इ+उद्); — एक प्रमाता में पूर्ण प्रतिष्ठा के कारण
बाध्य-बाधक-भाव भी, जो ज्ञान अपने-अपने में निष्ठ होने के कारण (अन्यथा) परस्पर अविरोधी हैं, उनमें केवल इसलिए उत्पन्न हो सकता है क्योंकि वे एक प्रमाता में पूर्णतः प्रतिष्ठित हैं।