आरुरुक्षोर्मुनेर्योगं कर्म कारणमुच्यते ।
योगारूढस्य तस्यैव शमः कारणमुच्यते ॥
६-३ ॥
ārurukṣormuneryogaṃ karma kāraṇamucyate |
yogārūḍhasya tasyaiva śamaḥ kāraṇamucyate ||
6-3 ||
योग में आरूढ़ होने की इच्छा रखने वाले मुनि के लिए कर्म साधन कहा गया है; और योगारूढ़ हो चुके उसी के लिए शम (शान्ति) साधन कहा गया है।