ये यथा मां प्रपद्यन्ते तांस्तथैव भजाम्यहम् ।
मम वर्त्मानुवर्तन्ते मनुष्याः पार्थ सर्वशः ॥
४-११ ॥
ye yathā māṃ prapadyante tāṃstathaiva bhajāmyaham |
mama vartmānuvartante manuṣyāḥ pārtha sarvaśaḥ ||
4-11 ||
जो जिस प्रकार मेरी शरण में आते हैं, मैं उन्हें उसी प्रकार फल देता हूँ; हे पार्थ, मनुष्य सब प्रकार से मेरे ही मार्ग का अनुसरण करते हैं।