न बुद्धिभेदं जनयेदज्ञानां कर्मसङ्गिनाम् ।
जोषयेत् सर्वकर्माणि विद्वान्युक्तः समाचरन् ॥
३-२६ ॥
na buddhibhedaṃ janayedajñānāṃ karmasaṅginām |
joṣayet sarvakarmāṇi vidvānyuktaḥ samācaran ||
3-26 ||
कर्म में आसक्त अज्ञानियों की बुद्धि में भेद उत्पन्न न करे; स्वयं युक्त होकर कर्म करता हुआ विद्वान् उन्हें समस्त कर्मों में प्रेरित करे।