दिवि सूर्यसहस्रस्य भवेद्युगपदुत्थिता ।
यदि भाः सदृशी सा स्याद्भासस्तस्य महात्मनः ॥
११-१२ ॥
divi sūryasahasrasya bhavedyugapadutthitā |
yadi bhāḥ sadṛśī sā syādbhāsastasya mahātmanaḥ ||
11-12 ||
यदि आकाश में सहस्र सूर्यों का प्रकाश एक साथ उदित हो, तो वह प्रभा शायद उस महात्मा की प्रभा के समान हो।