Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)· 11.1 / 60

Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)11.1

11.1
मदनुग्रहाय परमं गुह्यमध्यात्मसंज्ञितम् । यत्त्वयोक्तं वचस्तेन मोहोऽयं विगतो मम ॥ ११-१ ॥
madanugrahāya paramaṃ guhyamadhyātmasaṃjñitam | yattvayoktaṃ vacastena moho'yaṃ vigato mama || 11-1 ||
— मुझ पर अनुग्रह के लिए, परम गुह्य ; — 'अध्यात्म' नामक ; — जो आपने वचन कहा, उससे ; — मेरा यह मोह दूर हो गया

मुझ पर अनुग्रह के लिए आपने जो 'अध्यात्म' नामक परम गुह्य वचन कहा, उससे मेरा यह मोह दूर हो गया।