Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)11.1
मदनुग्रहाय परमं गुह्यमध्यात्मसंज्ञितम् ।
यत्त्वयोक्तं वचस्तेन मोहोऽयं विगतो मम ॥
११-१ ॥
madanugrahāya paramaṃ guhyamadhyātmasaṃjñitam |
yattvayoktaṃ vacastena moho'yaṃ vigato mama ||
11-1 ||
— मुझ पर अनुग्रह के लिए, परम गुह्य ; — 'अध्यात्म' नामक ; — जो आपने वचन कहा, उससे ; — मेरा यह मोह दूर हो गया मुझ पर अनुग्रह के लिए आपने जो 'अध्यात्म' नामक परम गुह्य वचन कहा, उससे मेरा यह मोह दूर हो गया।