Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)· 10.39 / 42

Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)10.39

10.39
यच्चापि सर्वभूतानां बीजं तदहमर्जुन । न तदस्ति विना यत्स्यान्मया भूतं चराचरम् ॥ १०-३९ ॥
yaccāpi sarvabhūtānāṃ bījaṃ tadahamarjuna | na tadasti vinā yatsyānmayā bhūtaṃ carācaram || 10-39 ||
— और जो भी समस्त भूतों का ; — बीज है, वह मैं हूँ, हे अर्जुन ; — ऐसा कुछ नहीं जो मेरे बिना रह सके ; — कोई चराचर भूत

हे अर्जुन, जो भी समस्त भूतों का बीज है, वह मैं हूँ; ऐसा कोई चराचर भूत नहीं जो मेरे बिना रह सके।