The Essence of the Tantra· 7.3 / 28

The Essence of the Tantra7.3

7.3

तत्र पृथिवीतत्त्वं शतकोटिप्रविस्तीर्णं ब्रह्माण्डगोलकरूपम्

Transliteration (IAST)

tatra pṛthivītattvaṃ śatakoṭipravistīrṇaṃ brahmāṇḍagolakarūpam

— पृथिवी-तत्त्व (छत्तीस तत्त्वों में सबसे निम्न) ; — सौ करोड़ (योजन) विस्तीर्ण ; — ब्रह्माण्ड-गोलक रूप

उसमें पृथिवी-तत्त्व सौ करोड़ (योजन) विस्तीर्ण, ब्रह्माण्ड-गोलक रूप है।