The Essence of the Tantra· 7.2 / 28

The Essence of the Tantra7.2

7.2

तद् उक्तं न प्रक्रियापरं ज्ञानम् इति

Transliteration (IAST)

tad uktaṃ na prakriyāparaṃ jñānam iti

— कहा गया है ; — प्रक्रिया पर निर्भर ; — ज्ञान (मुक्तिदायी बोध)

जैसा कि कहा गया है — 'ज्ञान प्रक्रिया पर निर्भर नहीं है।'