The Essence of the Tantra· 3.28 / 34

The Essence of the Tantra3.28

3.28

पृथक् अष्टकपरामर्शे चक्रेश्वरसाहित्येन नववर्गः एकैकपरामर्शप्राधान्ये पञ्चाशदात्मकता

Transliteration (IAST)

pṛthak aṣṭakaparāmarśe cakreśvarasāhityena navavargaḥ ekaikaparāmarśaprādhānye pañcāśadātmakatā

— अष्टक का पृथक् परामर्श होने पर ; — चक्रेश्वरों के साथ (चक्रों के स्वामियों सहित) ; — नौ वर्ग ; — प्रत्येक एक-एक परामर्श की प्रधानता में ; — पञ्चाशदात्मकता — पचास (वर्णों) की रूपता

जब अष्टक (आठ-आठ के वर्ग) का पृथक् परामर्श होता है, तब चक्रेश्वरों के साथ नौ वर्ग होते हैं; और जब प्रत्येक एक-एक परामर्श की प्रधानता होती है, तब पञ्चाशत् (पचास वर्णों) की आत्मकता होती है।