The Vision of Śiva· 7.107 / 122

The Vision of Śiva7.107

7.107
शैवादीनि रहस्यानि पूर्वमासन्महात्मनाम् । ऋषीणां वक्त्रकुहरे तेष्वेवानुग्रहक्रिया ॥१०७॥
śaivādīni rahasyāni pūrvamāsanmahātmanām | ṛṣīṇāṃ vaktrakuhare teṣvevānugrahakriyā
— शैव आदि ; — रहस्य (गुप्त उपदेश) ; — पूर्वकाल में ; — थे ; — महात्माओं के ; — ऋषियों के ; — वक्त्र-कुहर (मुख-विवर) में ; — उन्हीं में ; — अनुग्रह-क्रिया

शैव आदि रहस्य (गुप्त उपदेश) पूर्वकाल में महात्मा ऋषियों के वक्त्र-कुहर (मुख-विवर) में (निहित) थे; उन्हीं (ऋषियों) में अनुग्रह-क्रिया (कृपा-संचरण की प्रक्रिया विद्यमान) थी।