शैवादीनि रहस्यानि पूर्वमासन्महात्मनाम् ।
ऋषीणां वक्त्रकुहरे तेष्वेवानुग्रहक्रिया ॥१०७॥
śaivādīni rahasyāni pūrvamāsanmahātmanām |
ṛṣīṇāṃ vaktrakuhare teṣvevānugrahakriyā
शैव आदि रहस्य (गुप्त उपदेश) पूर्वकाल में महात्मा ऋषियों के वक्त्र-कुहर (मुख-विवर) में (निहित) थे; उन्हीं (ऋषियों) में अनुग्रह-क्रिया (कृपा-संचरण की प्रक्रिया विद्यमान) थी।