भवति शिवमयात्मा सर्वभावेन सर्वः ॥१०६॥
bhavati śivamayātmā sarvabhāvena sarvaḥ
प्रत्येक (जन), अपने सर्व-भावत्व (सब कुछ होने) के कारण, शिवमय आत्मा वाला हो जाता है।
प्रत्येक (जन), अपने सर्व-भावत्व (सब कुछ होने) के कारण, शिवमय आत्मा वाला हो जाता है।