मिथ्याज्ञानविकल्प्यानां सत्त्वं चिद्व्यक्तिशक्तता ॥७॥
mithyājñānavikalpyānāṃ sattvaṃ cidvyaktiśaktatā
(आक्षेप:) मिथ्या-ज्ञान से विकल्पित (वस्तुओं) का भी सत्त्व है — अर्थात् चित् की अभिव्यक्ति की शक्ति (उनमें है)।
(आक्षेप:) मिथ्या-ज्ञान से विकल्पित (वस्तुओं) का भी सत्त्व है — अर्थात् चित् की अभिव्यक्ति की शक्ति (उनमें है)।