3.98 तावदेकचित्स्वरूपशिवप्रसरणेन वा ॥९८॥ tāvadekacitsvarūpaśivaprasaraṇena vā tāvat — उतना ही ; ekacitsvarūpaśivaprasaraṇena — एक चित्-स्वरूप शिव के प्रसरण से ; vā — अथवा — अथवा एक चित्-स्वरूप शिव के प्रसरण से ही (सब एकीकृत है)।