The Vision of Śiva· 3.36 / 99

The Vision of Śiva3.36

3.36
यथा न योगिनोऽस्तीह नानासैन्यशरीरकैः ॥३६॥
yathā na yogino'stīha nānāsainyaśarīrakaiḥ
— जैसे ; — नहीं ; — योगी का ; — है ; — यहाँ ; — सेना के नाना शरीरों के द्वारा

जैसे योगी का (जो सेना की रचना करता है) यहाँ उस सेना के नाना शरीरों के द्वारा (वास्तविक) विभाग नहीं होता —