The Vision of Śiva· 3.29 / 99

The Vision of Śiva3.29

3.29
ततश्च शिवधर्मादेर्वेदादेरकृतार्थता । निमित्तसमवाययादिकारणेषु समानता ॥२९॥
tataśca śivadharmādervedāderakṛtārthatā | nimittasamavāyayādikāraṇeṣu samānatā
— और उससे ; — शिवधर्म आदि की ; — वेद आदि की ; — अकृतार्थता (व्यर्थता) ; — निमित्त, समवायी आदि कारणों में ; — समानता (भेद-लोप)

(आक्षेप:) और उससे शिवधर्म आदि तथा वेद आदि की अकृतार्थता (व्यर्थता हो जाती है); और निमित्त, समवायी आदि कारणों में समानता (भेद का लोप हो जाता है)।