The Vision of Śiva· 3.13 / 99

The Vision of Śiva3.13

3.13
तथा चाह खेटपालः शब्दराशेर्विशेषताम् ॥१३॥
tathā cāha kheṭapālaḥ śabdarāśerviśeṣatām
— और इसी प्रकार ; — कहते हैं ; — खेटपाल ; — शब्द-राशि (वर्ण-समूह) की ; — विशेषता

और इसी प्रकार खेटपाल शब्द-राशि (समस्त वर्णों के समूह) की विशेषता (शिव-रूप में, न कि मात्र वाक् की) कहते हैं।