तथा चाह खेटपालः शब्दराशेर्विशेषताम् ॥१३॥
tathā cāha kheṭapālaḥ śabdarāśerviśeṣatām
और इसी प्रकार खेटपाल शब्द-राशि (समस्त वर्णों के समूह) की विशेषता (शिव-रूप में, न कि मात्र वाक् की) कहते हैं।
और इसी प्रकार खेटपाल शब्द-राशि (समस्त वर्णों के समूह) की विशेषता (शिव-रूप में, न कि मात्र वाक् की) कहते हैं।