The Vision of Śiva· 2.20 / 90

The Vision of Śiva2.20

2.20
वर्तमानसमारूढा क्रिया पश्यन्त्युदाहृता ॥२०॥
vartamānasamārūḍhā kriyā paśyantyudāhṛtā
— वर्तमान पर समारूढ़ ; — क्रिया ; — पश्यन्ती ; — कही गई है

(किन्तु उनके मत में) वर्तमान (क्षण) पर समारूढ़ क्रिया ही 'पश्यन्ती' कही गई है (— इसी की अब हम परीक्षा करते हैं)।