मात्रास्वप्रत्ययसन्धाने नष्टस्य पुनरुत्थानम् ॥२४॥
mātrāsva-pratyaya-sandhāne naṣṭasya punar-utthānam
sūtra
मात्राओं (विषय-अनुभूतियों) के प्रत्ययों के साथ अनुसन्धान करने से नष्ट (तुर्य) का पुनरुत्थान होता है।
मात्राओं (विषय-अनुभूतियों) के प्रत्ययों के साथ अनुसन्धान करने से नष्ट (तुर्य) का पुनरुत्थान होता है।