←
Śiva Sūtras· 3.23 / 45

Śiva Sūtras3.23

3.23
मध्येऽवरप्रसवः ॥२३॥
madhye 'vara-prasavaḥ
sūtra
— मध्ये — मध्य (अवस्था) में, तुर्य और किसी अन्य अवस्था के मध्य (नपुं. एकवचन, अधिकरण कारक) ; — अवर-प्रसव — निम्नतर (अवस्था) की उत्पत्ति (पुं. एकवचन, तत्पुरुष समास)

मध्य (तुर्य और अन्य अवस्था के बीच की) अवस्था में अवर (निम्नतर अनुभव) का प्रसव (उत्पत्ति) होता है।