किं तद् ब्रह्म किमध्यात्मं किं कर्म पुरुषोत्तम ।
अधिभूतं च किं प्रोक्तमधिदैवं किमुच्यते ॥
८-१ ॥
kiṃ tad brahma kimadhyātmaṃ kiṃ karma puruṣottama |
adhibhūtaṃ ca kiṃ proktamadhidaivaṃ kimucyate ||
8-1 ||
हे पुरुषोत्तम, वह ब्रह्म क्या है? अध्यात्म क्या है? कर्म क्या है? और अधिभूत क्या कहा गया है, तथा अधिदैव क्या कहलाता है?