Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)· 7.26 / 30

Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)7.26

7.26
वेदाऽहं समतीतानि वर्तमानानि चार्जुन । भविष्यन्ति च भूतानि मां तु वेद न कश्चन ॥ ७-२६ ॥
vedā'haṃ samatītāni vartamānāni cārjuna | bhaviṣyanti ca bhūtāni māṃ tu veda na kaścana || 7-26 ||
— मैं बीते हुओं को जानता हूँ ; — और वर्तमान को, हे अर्जुन ; — और होने वाले भूतों को ; — किन्तु मुझे कोई नहीं जानता

हे अर्जुन, मैं बीते हुए, वर्तमान और भविष्य में होने वाले भूतों को जानता हूँ; किन्तु मुझे कोई नहीं जानता।